झाँसी में कक्षा 7 के छात्र ने कच्ची शराब बंद कराने की पुलिस से लगाई गुहार

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AMIT SONI

झाँसी। यूपी में कोरोना की दूसरी लहर का असर भले ही धीरे-धीरे कम हो रहा हो, लेकिन प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में जहरीली व कच्ची शराब बेचने का खेल लगातार जारी है। झाँसी में स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध शराब के कारोबार की जानकारी स्थानीय प्रशासन को होने के बाद भी कड़ी कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिसके चलते शराब माफियाओं के हौसले बुलन्द होते जा रहे है। अवैध शराब बेचने वाले और जुआरी मनमानी कर रहे है, ग्रामीणों का कहना है कि शराब और जुआ की वजह से आए दिन घरों में झगडे़ होते है। जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


दरअसल उत्तर प्रदेश के झाँसी जनपद के बबीना थाना बीएचईएल चौकी अंतर्गत ग्राम खैलार का रहने वाला कक्षा 7 का छात्र समीर धानुक अपने माता-पिता के साथ पुलिस चौकी पहुंचा और पुलिस से गुहार लगाई कि मेरे पड़ोस में कई सालों से कच्ची शराब बेची जाती है और आस-पड़ोस के दबंग लोग बच्चों से जबरन शराब बेचने व खरीदने का दबाव बनाते है वहीं जो इन शराब कारोबारियों की बात नही मानता उसके साथ गाली-गलौच कर मारपीट करते है। वहीं समीर की माँ राजकुमारी का कहना है कि ग्राम खैलार में कई सालों से कच्ची शराब का कारोबार जमकर चल रहा है हालांकि कई बार पुलिस ने दबिश भी दी फिर भी अवैध शराब का काला कारोबार जारी है।

बच्चे की शिकायत पर पुलिस ने कहा कल आना

बच्चे के द्वारा कि गई शिकायत भेल चौकी पुलिस ने अपनी लापरवाह रवैया दिखाते हुए सुबह आने का हवाला दे दिया। यहाँ पीड़ित के घर पर शराब माफिया गाली-गलौच कर मारपीट कर रहे थे, तो वही पुलिस सुबह तक किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रही थी।

उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब से हुई मौत

यूपी में जहां अम्बेडकरनगर, आजमगढ़ और बदायूं में जहरीली शराब से 28 से अधिक लोग काल के गाल में समा गए। वहीं अलीगढ़ में जहरीली शराब कांड ने प्रदेश को हिला दिया। इस साल के शुरुआती पांच महीनों की बात करें तो जनवरी से मई तक प्रदेश के 11 जिलों में जहरीली शराब तकरीबन 100 लोगों की मौत हो चुकी है।

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